Uttarakhand Government Institute of Polytechnic Lohaghat
प्राविधिक शिक्षा का उद्देश्य देश में एक तकनीकी कुशल वर्ग तैयार करना रहा है । यह एक सामान्य परम्परागत शिक्षा से हट कर विशिष्ट शैली की शिक्षा पद्धति है । इस क्रम में उच्चतर स्तर पर इंजीनियरिंग कॉलेज व माध्यम स्तर पर पॉलीटेक्निक संस्थाएं आती हैं । परम्परागत शिक्षा जहाँ आज के तकनीकी युग में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में कुछ हद तक ही कामयाब रही है वहीं तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवा किसी नौकरी का मोहताज नहीं होता है और अपना रोजगार प्रारम्भ कर स्वावलम्बन का एक आधार तैयार कर सकता है ।
इसी उद्देश्य के दृष्टिगत भारत सरकार व तदनुसार राज्य सरकारों ने तकनीकी संस्थाओं का संगठन तैयार किया है और इसी परिपेक्ष्य में उत्तराखण्इ सरकार के अन्तर्गत प्राविधिक शिक्षा का एक प्रमुख संस्था उत्तराखण्ड राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान लोहाघाट है । इस संस्था का शुभारम्भ 1975 अक्टूबर माह में सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ के फर्नहिल नाम के स्थित किराये के भवनों में हुआ। आरम्भ में इस संस्था में त्रिवर्षीय डिप्लोमा सिविल अभियन्त्रण तथा द्विवर्षीय स्टैनोग्राफी एण्ड सेकेट्रियल प्रेक्टिस डिप्लोमा पाट्यक्रम 30-30 प्रवेश क्षमता के साथ प्रारम्भ किये गये। सत्र 1984-85 से संस्था में त्रिवर्षीय विद्युत अभियंत्रण डिप्लोमा पाठ्यक्रम 30 प्रवेश क्षमता के साथ प्रारम्भ हुआ।